तुम मिले

मिल गयी हर ख़ुशी एक तुम जो मिले,
मिट गए जिंदगी भर के शिकवे गिले,
पा लिया मैंने खुद को, खो के तुझ में पिया,
तूने ख़्वाबों को मेरे मुकम्मल किया।

तु ही मंज़िल मेरी तू मेरा रास्ता,
मेरा इक बस तुझ ही से है वास्ता,
अब क्या मांगूँ दुआ मैं कोई नियत नहीं,
उसने तुम को ही अब जब मेरा कर दिया।

दूर रहकर भी मुझसे जुदा तू नहीं
आये जो पास तो दिल ये भरता नहीं
मर भी जाऊँ अगर अब मैं तो गम नहीं,
प्यार चाहा मैँने, प्यार ही पा लिया।