आया वसंत, आया वसंत

प्यार लिए मनुहार लिए,
गोरी का सृंगार लिये,
खिले पुष्प ,भंवरों ,बागियों और झूलों का त्यौहार वसंत,
आया वसंत, आया वसंत

बाली गेहूं ,जौ की डोले,
सोने जैसी सरसों बोले,
सज गए  खेत खलियान सभी लेकर बहार छाया बसंत,
आया वसंत, आया वसंत

लेकर आया है दिव्य ज्ञान ,
पूजन ,अर्चन ,भक्ति -गान
रोम -रोम पुलकित करता माँ सरस्वती का ध्यान वसंत
आया वसंत, आया वसंत

सूर्य उत्तरायण मैं आया

हुए स्नान थाल सज चुके,
नयन सूर्य की बाट तक रहे,
स्वागत दिनकर आज तुम्हारा,स्वागत कर मन अति हर्षाया,
सूर्य उत्तरायण मैं आया

सुधरे दशा इस वर्ष ग्रहों की,
खुशहाल रहें, कटे विपदा सबकी,
हों दीर्घायू स्वस्थ सर्व जन धर मन आशा अर्घ्य चढ़ाया
सूर्य उत्तरायण मैं आया

संक्रांत की तैयारी पक्की,
कन्नी बंधी तैयार है चरखी,
गुड तिल महकी घर आँगन मैं, उडी पतंग संग मन उड़ आया,
सूर्य उत्तरायण मैं आया